मै सोचता हूँ कभी कैसी होगी वो
जिसका बंधन मेरे संग बंधना है।
होगी सुंदर, सरल, प्रेम मुरत वो
क्या होगी मन मे बसी सूरत वो।
क्या होगी मेरे सपनो की रानी वो
जो होगी जीवन की मेरी कहानी वो।
जिसके सपनों का राजा बस मै रहूँ
मन के चारो तरफ बस मै ही रहूँ।
उसके आँखो मे सूरत बस मेरी रहे,
जब सोचें तो बस नाम मेरा ही हो।
उसके आँखो मे तस्वीर मेरी रहे
उसके होंठों पर बस नाम मेरा ही हो।
उसकी धड़कन बनकर धड़कता रहूँ
उसकी सांसों से लिपटकर तड़पता रहूँ।
खून बनकर रगो मे महकता रहूँ
उसके काँधे पे सर रखकर सोता रहूँ।
मेरी हर एक कविता सी दिखती हो
मेरे हर गीत सी महकती हो वो।
मेरी सारी गज़लो सा नूर उसमे रहे
मेरी नज़्मो की महफ़िल से रोशन रहे।
जैसा माँगा मौला बस ऐसी हो वो
जिसके सपने मै रोज बुनता हूँ।।
मै सोचता हूँ कभी कैसी होगी वो
जिसका बंधन मेरे संग बंधना है।।