टेलीग्राम से जुड़ें Contact Us Subscribe Me!

अवसाद कैसे दूर करें - प्रेम बजाज

अवसाद कैसे दूर करें

अवसाद अर्थात डिप्रैशन आज एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है सभी के लिए ।
आज के समय में छोटे बच्चू से लेकर बड़े बुजुर्गो तक सभी को अवसाद ने जकड़ा हुआ है ।
सबसे पहले हमें ये समझना होगा कि अवसाद करता है और इसका कारण क्या है ?
जब भी हम अपने किसी कार्य में बुरी तरह से असफल होते हैं, या किसी खास अपने को खो देते हैं , तो हम अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं , कभी कोई लम्बी बिमारी से ठीक ना होना , कभी किसी का पढ़ाई में अचानक किसी कारण से पिछड़ जाना , कभी किसी पढ़े-लिखे नौजवान को नौकरी ना मिलना इत्यादि अनेक ऐसे कारण होते हैं अवसाद के । अवसाद के कारण अपने आप को दूनियां से अलग कर लेना , अकेले रहना या आत्महत्या करना कोई हल नहीं है ।
अवसाद कोई भयानक बिमारी नहीं , अवसाद से बाहर निकलना भी मुश्किल नहीं ।
अवसाद को अपने अन्दर ना पनपने दें , जड़ से उखाड़ फेंके इसे ।

सबसे पहले हमें अवसाद से बाहर निकलने के लिए ख़ुद को तैयार करना है । हमें तन और मन से कोशिश करनी होगी अवसाद से बाहर निकलने के लिए ।
तन को स्वस्थ रखें ,। तन स्वस्थ तो मन भी स्वस्थ रहेगा ‌।
खानपान सही हो , नींद पूरी लें , सुबह ताज़ी हवा में बाहर निकलें , रोज़ सूरज की रौशनी में भी बाहर थोड़ी देर रहे , योग – प्राणायम करें ।
इस तरह स्वस्थ तन के साथ स्वस्थ मन बनाएं — जैसे बीती कोई दु:खुद घटना हो तो उसे बार – बार मत सोचें , अगर ताज़ा कोई हादसि हुआ है तो उससे बाहर निकलें , दोस्तों से मिले ,फोन पर बात करें , अपने किसु शौंक को फिर से ज़िंदा करें जैसे घूमना, संगीत सुनना, कहीं बाहर खाने पर जाएं, कहीं छुट्टी पर जाएं , कुछ ऐसी बातें याद करें जो आपके जीवन में खुशियों की अमिट छाप छोड़ गई हों, कोई ऐसा किस्सा याद करें जो आपको गुदगुदा जाए ।
डायरी लिखें , उसमें अपनी हर विश लिखें जो आप चाहते हैं , और उसे पाने का प्रयत्न करें ना कि किस्मत के सहारे इन्तज़ार करें । नए – नए दोस्त बनाएं , अपने किसी पूराने शौंक को फिर से ज़िन्दा करें , मीठी – मीठी धून होंठों पर गुनगुनाते रहें , इस तरह अवसाद से देर रहना मुश्किल नहीं ।
जब आप बाहर निकल कर देखेंगे तो आपको कहीं नि कहीं अपने से भी ज्यादा दूं:की और परेशान लोग नज़र आएंगे , तो इश्वर का शुक्रिया आदि करें कि आप उनसे बहुत अच्छे हैं , जो नहीं मिला उसे मत देखें , जो मिला है उसमें खुशी ढुंढे ।
ज़िन्दगी को संगीत बना कर गाएं , खुशियां बांटें और खुशियां ही पाएं , अवसाद को दूर भगाएं ।

मौलिक एवं स्वरचित
प्रेम बजाज, जगाधरी ( यमुनानगर)
9991508421

إرسال تعليق

आपकी बहुमूल्य प्रतिक्रिया का इंतजार सदैव रहेगा।
Cookie Consent
We serve cookies on this site to analyze traffic, remember your preferences, and optimize your experience.
Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.