नमन 🙏🙏🙏
दिनांक… 17/9/2020
दिन….गुरुवार
विषय…..विश्वास
विधा…छंदमुक्त**********************
हर इंसान के दिलों में शायद,
भगवान अपना और पराया हैं।
पर जब भी जिसने पुकारा,
वो मदद को जरूर आया है।।कुछ की माने तो वो होता
हमारे कर्मो की एक छाया।
तो किसी ने उस छाया को ही,
अब अपना कर्म बनाया हैं।।जो चलता गया जीवनभर बस,
चुनकर अधर्म पाप के रास्ते को।
देकर उसे बस एक ही ठोकर,
वो सत्यकर्म के रास्ते पे लाया हैं।था जिस जिस को भी अभिमान,
अपने बाहुबल की शक्ति पर।
तिनके की तरह तोड़ अभिमान,
उसका सर भी उसने झुकाया हैं।।नही करता वो कभी भेदभाव,
किसी जाति या मजहब को देख।
उसने तो हर इंसान को प्रेम से,
खुद ही गले से लगाया हैं।।**********************
स्वरचित, मौलिक रचना#राji✍✍✍
