
***नया संसार बनायें***
चलो नया संसार बनायें।
दुश्मन को भी यार बनायें।
दया प्रेम करुणा को अपने,
जीवन का आधार बनायें।
करे जमाना जिसको याद,
अपना वो किरदार बनायें।
मिटे एकाकीपन इस वास्ते,
साथी भी दो चार बनायें।
काट सके जो राह के पत्थर,
खुद को नद की धार बनायें।
लाख मुसीबत आये फिर भी,
मन को ना लाचार बनायें।
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बिनोद बेगाना
जमशेदपुर झारखंड