
. चौथा महीना ,पहली तारीख
(डबल फर्स्ट बटालियन स्थापना दिवस)
चौथा महीना ,पहली तारीख ,सन् चौंसठ की साल ,
ये पलटन खड़ी हुई।।
हरियाणा,राजस्थान व यू.पी.से,वीर अहीरों को लिया गया।
रानीखेत में ट्रेनिंग ऊपर ,जोर यो पूरा दिया गया ।।
शपथ खिलाकर वीरों को फिर दिया नेफा में घाल ,
परीक्षा कड़ी हुई …(टेक)
उन्निस सो अट्ठासी में लंका में मची तबाही थी ।
शाँतिसेना का रोल किया,हिंसा उखाड़ बगायी थी।।
जान की बाजी लगाई थी, तब की शाँति बहाल ,
जोश में लड़ी हुई…… (टेक)
फाइव माउंटेन डिव में छायी , नाम जुबां पर आया था ।
तेरह हजार फीट की हाइट पे,घातक स्कूल बनाया था।।
डिव का बैनर ठाया था , ली सबसे बड़ी उछाल ,
कीर्ति चढ़ी हुई …(टेक)
फैन्स क्रॉसिंग डेमों में , सेना प्रमुख भी आए थे ।
इनफील्ट्रेशन जाम किया,मिलिटेंट मार गिराए थे।।
झंगड़ में यादव छाए थे ,दुश्मन की तारी खाल,
हाथ में छड़ी हुई…(टेक)
वर्ल्डमिलिट्री गेम करा दुनिया में दिया उदाहरण था।
अल/ओ ड्युटी और सुरक्षा काम नहीं साधारण था।।
जो शाबाशी का कारण, किया संपन्न काम विशाल ,
खुशी की घड़ी हुई…..(टेक)
स्वर्ण जयंती के अवसर पर सारे योद्धा आए थे।
सही कहूँ डबल फर्स्ट पे खुशी के बादल छाए थे।।
खुशी के आँसू आए थे ,ना पूछो दिल का हाल ,
क्यों आँखें भरी हुई…(टेक)
बर्फीला तूफान नफे सिंह , चर्चा करूँ नॉर्थ हिल की।
मिलीटैंटों की लाश देखके पाक में पाट् गई किलकी।।
बिन कैजुअल्टी पूरी पलटन , दी ग्वालियर उतार ,
मना आज खुशी रही….( टेक)
फेसओफ ड्रिल की कार्रवाई जब करने गया पोस्ट रड्डी।
इक्किस जाट चकित रहगी व चीन की ल्युज हुई चड्डी।।
काऊहट और लोवर बलेजा पे पहुँचे वीर अहीर,
ये दुनिया डरी हुई… (टेक)
नफे सिंह योगी मालड़ा
महेंद्रगढ़ हरियाणा